बस मुझे दे दो सिर्फ उड़ने की अजादी

खाने को खाना ओर पीने को मिलता है पानी।

पर नही मिलती पिंजड़े से उड़ने की अजादी।।

पिंजड़े में तोते के साथ होता है जैसा।

मेरी जिंदगी में भी अब होता है वैसा॥

देखा एक दिन तोते को पिंजड़े में कैद।

फिर याद आया अब मैं भी तो हू कैद॥

कोई नही है उसके साथ बोलने को न बतियाने को।

कोई नही है मेरे साथ मेरी हालत दूझो समझाने को॥

उसे कैद किया दूझो ने और देते है खाने को खाना ओर पीने को पानी।

मुझे कैद कराया अपनो ने और कहते है तुझे मिलेगा खाने को खाना ओर पीने को पानी॥

पा लूंगा मैं अपने से खाने को खाना ओर पीने को पानी।

बस मुझे दे दो सिर्फ उड़ने की अजादी॥

Author: admin

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