हमे अपनी कुल्हाड़ी कि धार क्यो तेज करनी चाहिये।

हम लोगो में से कुछ लोगो ने एक कहानी अवश्य सुनी या पढी होगी जिसमें यह बताया गया है कि २ लकड़ी काटने वाले व्यक्ति होते है जिसमे एक दिन प्रतिस्पर्धा होती है कि कौन सबसे अधिक लकड़ी काट सकता है तथा अंत में परिणाम यह पाया जाता है कि जो व्यक्ति कमजोर ओर बूढा है वह व्यक्ति अपने से जवान ओर ताकतवर व्यक्ति से जीत जाता है। यदि अपने यहा कहानी नही पढ़ी या सुनी तो सबसे पहले इसे यहा पर पढ लीजिये। ” मोहन और सोहन दो व्यक्ती है जिसमे मोहन जवान ताकतवर है जबकि सोहन दिखने मे दुबला तथा बूढा है। दोनो एक साथ लकड़ी काटने का कार्य करते है दोनो में बातो बातो में लकड़ी काटने कि प्रतियोगिता तय होती है तथा निश्चित दिन तय किया जाता है। प्रतियोगिता वाले दिन दोनो लकड़ी काटना प्रारम्भ करते है। लकड़ी काटना प्रारम्भ करने के कुछ समय बाद सोहन अराम करने चला जाता है जबकि मोहन लगातार लकड़ी काटता रहता है। जब से प्रतियोगिता प्रारम्भ हुई तब से सोहन बार बार लकड़ी काटने के कुछ देर बाद अराम करने चला जाता है और मोहन लगातार लकड़ी काटता रहता है। अंत में जब प्रतियोगिता सामाप्त हुई तब देखा गया कि सोहन ने सबसे अधिक लकड़ियाँ काटा है अत: सोहन विजेता है तब मोहन लोगो से कहता है कि नही सोहन ने कोई बेईमानी की है क्योकि वह तो लकड़ियाँ काटने के साथ साथ अराम करने भी जाता था फिर ऐसा कैसे हो सकता है कि वह मुझसे अधिक लकड़ियाँ काट पाया यह कैसे हो सकता है अवश्य ही उसने कोई बेईमानी की है। तब सोहन से पूछे जाने पर सोहन ने जाबाब दिया कि मैं जब अराम करने जाता था तब मैं अपनी कुल्हाड़ी में धार तेज करता था इसलिये मैने तुमसे ज्यदा लकड़ियाँ काटी तुमने अपनी कुल्हाड़ी में धार तेज कब किया था। मोहन को अपनी गलती का एहसास हुआ और उसने सोहन से माफी मांगी और समझ गया कि हमे समय समय पर कुल्हाड़ी कि धार तेज करते रहने चाहिये।” इस कहानी से हमे यह शिक्षा मिलती है कि हमे समय समय पर अपने आपको अपडेट करते रहना चाहिये नही तो हम इस दुनिया की भीड़ में पीछे हो जायेंगे लेकिन मेरा यह सवाल है कि कुल्हाड़ी यदि इस लायाक हो जाये कि अब उसमें धार नही लग सकती (मेरे कहने का तात्यपर्य यह है कि जब कुल्हाड़ी बिल्कुल सही थी तब उसमे कुछ समय तक धार लगाया गया फिर कुछ समय बाद उसमे धार लगाना बंद कर दिया गया और वह कुल्हाड़ी अब इस लायाक हो गई है कि अब उसमें धार तेज नही की जा सकती) । तब क्या करना चाहिये। हमारे देश में उपयोग करने के लिये साधन की कमी नही है किंतु जो लोग उस साधन का उपयोग करना चाहते है या जिन्हे अब उन साधनो को उपयोग मे लेने कि आवश्यक्ता है वह लोग उन साधनो का उपयोग नही कर पा रहे है क्योकि उन्होने अपने आपको समय के साथ साथ अपडेट नही किया है। (समय समय पर कुल्हाड़ी कि धार तेज नही कि)। यहा पर मेरी भावना किसी को ठेस पहुचाने कि नही है फिर भी मैने कुछ लोगो को देखा है कि उनकी उम्र तो काफी हो गई है और वह लोग काफी पढे लिखे भी है उन्होने अपने समय मे मोबाईल फोन का भलि भांति उपयोग भी किया लेकिन जिस प्रकार मोबाईल अपडेट होते गये उस प्रकार उन्होने अपने आपको अपडेट नही किया अर्थात उन्होने सिम्पल मोबाईल का उपयोग अब तक किया और अब स्मार्ट फोन का उपयोग करना चाहते है क्योकि स्मार्ट फोन हमे बहुत सी सुबिधाये दे रहा है किंतु सिम्पल फोन और स्मार्ट फोन के बीच में कुछ और भी प्रकार के फोन (मल्टिमीडिया फोन, टच फोन) आये जिन्हे उन्होने उपयोग नही किया और अब उन्हे स्मार्ट फोन उपयोग करने मे समस्या हो रही है। यदि उन्हे पहले से पता होता कि हमारे साथ ऐसा होगा तो वह लोग अवश्य हि सिम्पल फोन तथा स्मार्ट फोन के बीच भी फोन सही समय पर उपयोग किये होते।कभी कभी हमसे यह सवाल किया जाता है कि हमे यह कार्य क्यो करना चाहिये तब हमे उन्हे यह बताना चाहिये कि हमे वह कार्य क्यो करना चाहिये क्योकि जब तक सामने वाले व्यक्ति को उसका पर्याप्त क्यों नही मिल जाता तब तक वह व्यक्ति उस कार्य को नही करेगा जब तक उसको उस क्यो का जबाब नही मिल जायेगा और करेगा तो लापरवाही से करेगा इसलिये उसे उस क्यो का जबाब अवश्य दे। “रॉबर्ट टी. कियोसाकी अपनी पुस्तक (रिटायर यंग रिटायर रिच) में लिखते है कि जब भी उनसे यह पूछा जाता है कि आपने यह कैसे किया तो वे जबाब देते है कि यह महत्वपूर्ण नही है कि मैने यह कैसे किया महत्वपूर्ण यह है कि मैने यह क्यो किया। क्योकि क्यो के बिना कैसे सम्भव नही था।”  और मैं यह कहना चाहूंगा कि जब भी आपसे कोई पूछे कि क्यो और आप चाहते है कि वह उस कार्य को करे तो उसे उस क्यो का उत्तर अवश्य दे। यदि आप चाहते है कि कोई व्यक्ति आंगे बढे और अपने आपको समय समय पर अपडेट (कुल्हाड़ी कि धार तेज) करे तो उसे यह अवश्य बाताये कि उसे ऐसा क्यो करना चाहिये। इस पोस्ट को लिखने के बाद भी मेरा मन अभी शांत नही हुआ है क्योकि मेरा आप लोगो से एक प्रश्न है जिसका उत्तर आपलोग मुझे कमेंट के माध्यम से दे सकते है मुझे यकीन है कि आपके दिये गये उत्तरो मे मुझे मेरे प्रश्न का जबाब अवश्य मिल जायेगा। ” जब कुल्हाड़ी बिल्कुल सही थी तब उसमे कुछ समय तक धार लगाया गया फिर कुछ समय बाद उसमे धार लगाना बंद कर दिया गया और वह कुल्हाड़ी अब इस लायाक हो गई है कि अब उसमें धार नही लगाई जा सकती तब क्या करना चाहिये।”

Author: admin

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