Thursday, May 9, 2019

घर का हिसाब किताब

हमारा घर हो या ऑफिस उसका एक रिकॉर्ड होता है, जिसे मेंटेन करना अति आवश्यक होता है। हमारा घर भी एक ऑफिस की तरह होता है। जिस प्रकार एक ऑफिस को अच्छे से चलाने के लिए उसका रिकॉर्ड मेंटेन करना जरूरी होता है उसी तरह हमारे घर के रिकॉर्ड को मेंटेन करना जरूरी होता है। किसी ऑफिस को चलाने के लिए उसके रिकॉर्ड मेंटेन की व्यवस्था की जाती है जैसे कि कार्य के हिसाब से फाइलों का निर्माण , रजिस्टर की व्यवस्था, हिसाब किताब की व्यवस्था आदि लेकिन मेने अक्सर देखा है कि किसी ऑफिस के मुकाबले घर पर ऐसी व्यवस्था न के बराबर की जाती है। जिससे हमें घर के कुछ कार्यो में समस्या पैदा होती है। किसी रिकार्ड को मेंटेन करने के लिए उसे लिखा जाता है एवं उसे व्यवस्थित रूप से रखा जाता है ताकि जब भविष्य में उसकी आवश्यकता हो तो उनका उपयोग किया जा सके। बिजली का बिल , नल का बिल, गैस का बिल, जीवन बीमा की किस्त तथा ऐसे बहुत सारे बिल होंगे जिनका भुगतान आपको प्रत्येक माह में करना होता है और आप उनका भुगतान भी प्रत्येक माह करते है किंतु आपने उनकी रशीदो को रखने की क्या व्यवस्था  की है क्या आप उन्हें भुगतान करने के बाद घर के किसी कोने में रख देते है या उन्हें किसी फ़ाइल में रखते है या फिर उनका भुगतान करने के बाद किसी रजिस्टर में लिखते है। आप उन्हें जिस तरह से भी रखते हो वो आपके रिकॉर्ड को मेंटेन करने का तरीका है जो कि जितना अच्छा होगा आपके लिए भी परेशानी से बचने के लिए उतना ही अच्छा होगा। इनके अलावा जब भी आप कोई शॉपिंग करते है तो उनकी रशीद लेते है या नही और यदि रशीद लेते है तो उन्हें किस प्रकार सम्भालकर रखते है। मैने बहुत से ऑफिस में लोगो को उस ऑफिस के कर्मचारी से यह कहते देखा है कि मैंने फलाने माह का भुगतान किया था लेकिन हमारे नए बिल में उसकी राशि घट कर नही आई है जब उस ऑफिस का कर्मचारी उस व्यक्ति से उस माह के भुगतान की रशीद मांगता है तो उस व्यक्ति के पास उस माह की रशीद गुम हो चुकी होती है। ऐसा सिर्फ इसलिए होता है क्यों कि वह अपने घर के रिकॉर्ड का मेंटेन नही करता था। मैंने एक ऑफिस में एक कर्मचारी को एक व्यक्ति को यह कहते सुना था कि युद्ध लड़ने आये हो और हथियार तो लाये ही नही। जिसका मतलब यह है कि हमे किसी ऑफिस में किसी कार्य के लिए जाना हो तो उससे संबंधित दस्तावेज हमे अपने साथ वहां लेकर जाना चाहिए और वह दस्तावेज हम अपने साथ कब लेकर जा सकते है जब वह हमारे पास होंगे। इसलिए हमारे लिए आवश्यक है कि हम अपने घर के रिकॉर्ड को मेंटेन कर कर रखे। रिकॉर्ड मेंटेन करते रहने के बहुत सारे फायदे है इससे न सिर्फ आपकी परेशानियां कम होंगी बल्कि बहुत से फायदे भी होंगे। जरा आप सोचिये आपके साथ कोई घटना घटती है और आपको उस दिन की दिनांक चाहिए आप क्या करेंगे लेकिन यदि उसी दिन आपने कोई भुगतान या ऐसा कोई कार्य भी किया हो जिसका आपने रिकॉर्ड मेंटेन किया है तो आप आसानी से वह दिनांक ढूंढ सकते है। हालांकि कोई घटना हो या कोइ खास बात को अच्छी तरह से याद करने के लिए डायरी लिखना चाहिए। इससे न सिर्फ आप किसी घटना को याद कर पाएंगे बल्कि आप अपनी पुरानी यादों को  भी ताजा कर पाएंगे। प्रत्येक व्यक्ति अपने दैनिक जीवन का एक तिहाई हिस्से से अधिक अपने आर्थिक कमाई के लिए देता है जिसमे से कुछ लोग अपने ऑफिस में रिकॉर्ड मेंटेन करते है तथा वे भली भांति रिकॉर्ड मेंटेन के महत्व को समझते है। हमारे पास अपने घर में 100 प्रतिशत में से 20 प्रतिशत का रिकॉर्ड ऐसा होगा हो हमारे 80 प्रतिशत के रिकॉर्ड को प्रभावित करता होगा। अतः हमें अपने घर के उस 20 प्रतिशत के रिकॉर्ड को सही तरह से मेंटेन करने की आवश्यकता होती है। जब आप यह सोचेंगे कि हम अपने घर के रिकॉर्ड को मेंटेन कैसे करे तो हो सकता है कि आप थोड़ा परेसान हो किन्तु जब आप अच्छे से इस बारे में विचार करेंगे तब आपको इसकी अहमियत समझ मे आयेगी, हो सकता है घर के रिकॉर्ड मेंटेन के लिए आपको कुछ खर्च भी करना पड़ सकता है जो कि आपको फिजूल लग सकता है। जिसे आप फिजूल का खर्च समझ रहै है उसे करने के बाद आप समझेंगे की आपने कितना समझदारी भरा कार्य किया है। फिर भी अंत मे मैं इतना कहना चाहूंगा कि मेरा यह पोस्ट आपलोगो को कैसा लगा तथा कमेंट के माध्यम से रिकॉर्ड मेंटेन के बारे में आप हमें अपना सुझाव दे तथा यह भी बताये की हम अपना रिकॉर्ड किस तरह से मेंटेन कर सकते है।

Monday, March 25, 2019

समय नियोजन-टाइम मैनेजमेंट


यदि आपको लगता है कि आपके पास समय नहि है या आपके हाथ समय कब निकल जाता है पता हि नही चलता जिस कारण आपका समय बहुत बर्बाद हो जाता है तो यह पोस्ट आपके लिये ही है। आप अपना समय कैसे बर्बाद करते है कभी सोचा है यदि हा तो अच्छी बात है नहि तो आप ऐसा कीजिये कि जब आप सुबह उठते है तो उठने के हर एक घंटे के बाद २ मिनिट आँख बन्द करके सोचिये की आपने उस एक घंटे में क्या किया। इस प्रकार आप हर घंटे के अंत में २ मिनिट यह सोचने में दीजिये की आपने पिछले एक घंटे मे क्या किया जब आप ऐसा करेंगे तो  आपको मालुम पडेगा की आप अपना कितना समय बर्बाद करते। यदि हमे समय का सही उपयोग करना है तो हमे यह सीखने की जरूरत है कि हम अपने समय का प्रबंधन कैसे करे। इश्वर ने सभी को एक समान समय दिया है जिसका सही से प्रबंधन करके व्यक्ति सफलता को प्राप्त करता है। यदि हम अपने आप को २ मिनिट की तकलीफ दे तो भी हमारा समय बचेगा जी हा जिस कार्य को समाप्त करने मे हमे २ मिनिट लगता है हमे उस कार्य को तुरंत कर लेना चाहिये क्योकि ऐसे कार्य यदि हम तुरंत नही करते तो हमे बाद में समस्या होती है। कभी‌‌-कभी क्या होता है की हमारे पास काम तो होता है लेकिन हम उसे कर नही पाते है जिसका करण यह होता है की हमे सही समय पर वह कार्य याद नही आते है एसे मे हमे आलर्म का उपयोग करना चाहिये। समय का सही उपयोग तब होता है जब हमे यह पता होता है कि हमे कौन कौन से कार्य करने है। क्योकि हमारे पास कार्य तो होते है लेकिन हमे यह ध्यान नही आता कि हमे क्या क्या कार्य करना है कुछ कार्य एसे होते है जो हमे पता होता है कि इसे कल करना है उसके लिये क्या करे कि रात को सोते समय एक पेपर या डायरी या फिर अपने स्मार्ट फोन मे उन कार्यो की एक लिस्ट बना ले और अगले दिन उन कार्यो को लिस्ट से देख कर करने मे असानी होगी । यदि हमे समय का अमीर बनना है तो हमे समय का प्रबंधन करते आना चाहिये।  हम यदि अपने चारो ओर नजर डाले तो हमे पता चलेगा कि सभी सफल व्यक्तीयो ने समय का प्रबंधन करना सीखा है। वर्तमान समय में लोगो के पास इतना कार्य होता है कि उन्हे ध्यान रख पाना भी मुश्किल होता है की किस समय क्या कार्य करना है एसे में हमे रिमाईंडर का उपयोग करना चाहिये जैसे कि  कलेंडर, स्मार्ट फोन, दुसरे दिन की कार्य योजना को रात मे किसी डायरी में नोट करना। यदि हम इस तरह से रिमाईंडर का उपयोग करते है तो हमे अगले दिन कार्य करने मे असानी होगी। तथा हमे अपने कार्य को करने के  लिये किस प्रकार से समय का नियोजन करना चाहिये के बारे मे जानना चाहिये। दूसरो को कार्य सौपकर भी समय बचाया जा सकता है, जरूरी नही है कि ऐसे सभी कार्य जो हम दूसरो से करा सकते है उसे हम ही करे। बहुत से कार्य एसे होते है जिसे हम दुसरो से करा सकते है जैसे की बिलो का भुगतान करना, मार्केट से कुछ लाना और भी एसे काफी कार्य है जो कि हम दुसरो से करा सकते है। हमे अपना समय बचाने के लिये स्टॉप लॉस का उपयोग करना चाहिये। जैसे शेयर मार्केट में अपना लॉस कम करने के लिये लोग स्टॉप लॉस का उपयोग किया करते है उसी तरह हमे अपना समय बचाने के लिये समय पर स्टॉप लॉस का उपयोग करना चाहिये अर्थात यदि हम किसी से मिलने के लिये इंतजार कर रहे है और आपसे मिलने वाला व्यक्ति कहता है कि बस 5 मिनिट या बस 10 मिनिट और तो आप उसे कह सकते है कि मैं सिर्फ 5 मिनिट इंतजार करूंगा और जब 5 मिनिट पूरे हो जाये तो आप वहा से जा सकते है। ऐसा करने से मिल्ने वाला व्यक्ति अगली बार से आपसे समय से मिलेगा। समय नियोजन के बहुत से तारीके से जिन्हे जानकर हमे सिर्फ उनका उपयोग अपने जीवन में करना चाहिये। जब आप उन तरीको को उपयोग करेंगे तो जल्द ही आपको समझ मे आयेगा कि आप अपने समय का कितना बेहतर उपयोग करने लगे है। नीचे कुछ पुस्तको के लिंक दिये है मैने आप उनको पढकर यह जान सकते है कि हमे अपने का नियोजन किस प्रकार करना चाहिये। समय नियोजन कैसे करना चाहिये जानने के लिये आपको नीचे दी गई पुस्तको मे से कम से कम एक पुस्तक अवश्य पढनी चाहिये।






Sunday, February 10, 2019

वर्षो का अनुभव पुस्तको में



आप सभी लोगो को मेरा नमस्कार और  मैं गुरप्रीत सिंह जी को  धन्यबाद करता हूँ आपकी वजह से मेरा यह पोस्ट पूर्ण हो सका है। जैसा कि इस पोस्ट का शीर्षक है “वर्षो का अनुभव पुस्तको में” यदि किसी पुस्तक मे अपने वर्षो के अनुभवो को बताया जा रहा है तो यकीन मानिये वह पुस्तक हमारे लिये बहुत उपयोगी सिद्ध होगी। हमारे सामने बहुत सी समस्याए ऐसी होती है जिनके हल खोजने कि कोशिश  तो हम बहुत करते है। लेकिन हमे उनके जबाब नही मिलते है। मैने हाल ही में कुछ पुस्तको को पढा है जिसमे मैने पाया है कि अक्सर हम समस्याओ का समाधान विपरीत तरीके से करने कि कोशिश करते है। जैसा कि मैने “रॉबर्ट टी. कियोसाकी” की पुस्तक “रिच डैड पुअर डैड” में पढा है कि व्यक्ति अपनी समस्या से बचने के लिये जितनी ज्यादा कोशिश करता है वो उसमे उतना ही फसता जाता है क्योकि वह समस्या से बचने के लिये जितने भी प्रयास करता है वह सब विपरीत दिशा मे करता है। हालाकि “रिच डैड पुअर डैड” पुस्तक पैसो के बारे मे जिसमे यह बताया गया है कि अमीर लोग अपने बच्चों को ऐसा क्या सिखाते हैं, जो गरीब और मध्यम वर्ग के माता-पिता नहीं सिखाते। इसके अलावा मैने “डेल कारनेगी” की पुस्तक “चिंता छोडो सुख सेजियो” एवं “लोक व्यवहार” पढा हूँ। “चिंता छोडो सुख सेजियो”  इस पुस्तक मे हमे यह बताया गया है कि हम अपनी जीवन में कितनी चिंता व्यर्थ में करते है जिनका कोइ सार नही है तथा चिंता से मुक्ती पाकर कैसे हम सुखी जीवन व्यतीत कर सकते है। “डेल कारनेगी” कि पुस्तक “लोक व्यवहार” में हमे यह बताया गया है कि हम दुसरे लोगो को किस प्रकार खुश रख सकते है, उनसे किस प्रकार काम ले सकते है, यदि दुसरो से काम लेना है तो उस व्यक्ती में किसी कार्य को करने कि प्रबल इच्छा कैसे उसमे जाग्रत कर सकते है। इस पुस्तक को पढने के बाद आप समझ सकते है कि हमे दुसरे लोगो को किस प्रकार प्रभावित कर सकते है। इस पुस्तक को मैने न सिर्फ पढा है बल्कि इसमे दिये गये टिप्स का मैंने प्रयोग भी किया है जो कि मेरे लिये  बहुत लाभदायक साबित हुआ। इनके अलावा मैने समय प्रबंधन पुस्तक का भी अध्ययन किया है जिसमे बताया गया है कि हम कैसे अपने समय को बर्बाद करते है तथा हम अपने समय को किस प्रकार बचा कर उनका उपयोग कर सकते है यदि आप लोगो को लगता है कि मेरे पास समय नही बचता या मेरे पास समय कि कमी या फिर आप सोच रहे है कि उपर मैने जिन पुस्तको कि चर्चा कि है  उनको पढने के लिये आपके पास समय नही है तो आपके लिये  सबसे पहले “समय प्रबंधन” की पुस्तक को पढना उचित  होगा। मुझे पुस्तक पढना बिल्कुल भी पसंद नही था लेकिन जब मैने इस प्रकार कि पुस्तको के बारे मे जाना तो मेरी भी इच्छा हुइ कि इस प्रकार कि पुस्तको को पढा जाये जब से मैने इस प्रकार कि पुस्तको पढा है तब से पुस्तक पढना  एक हॉबी बन गयी है। जब भी मै इस प्रकार कि पुस्तको को खरीदता हू तो लगता है कि मै इन्हे कितनी जल्दी पढकर खत्म करू। मैने समय प्रबंधन पुस्तक को सिर्फ एक दिन मे पढकर खत्म किया। इन सभी के अलावा मैने और भी पुस्तको को पढा है जिनके बारे मे मै यदि बाताउंगा तो यह पोस्ट बहुत बडा हो जयेगा। जब भी आप इस प्रकार कि पुस्तको को पढेंगे आपको अपने अंदर एक नयी ऊर्जा का अनुभव होगा साथ ही आपके मन में सकरात्मक विचार उत्पन्न होंगे जो आपको आंगे बढने में बहुत सहायक होंगे। आशा करता हू की आपको यह पोस्ट पसंद आया होगा। मै और भी बहुत सारे पोस्ट लिखना चाहता हू जिसके लिये मुझे आपलोगो का साथ चाहिये। आप हमे अपना SUGGESTIONS Website के माध्यम से दे सकते है।